आर्ष विद्याकुलम् · भारतीय ज्ञान एवं जीवन-शिक्षा
भारतीयता से
विश्वकल्याण
की ओर।
शिक्षा, जो केवल आजीविका नहीं—जीवन को अर्थ, चिंतन को दिशा और मनुष्य को उत्तरदायित्व दे।
ज्ञानम् । संस्कारः । विश्वहितम् ।
01 / समग्र शिक्षा का आधार
विद्या से व्यक्तित्व।
व्यक्तित्व से समाज।
विद्या, नागरिक समझ और कार्य-कुशलता। शिक्षा के तीनों उद्देश्यों को एक साथ विकसित करना आर्ष विद्याकुलम् की शिक्षा-दृष्टि है।

02 / हमारी पहचान
शिक्षा का उद्देश्य,
मनुष्य का निर्माण।
आर्ष विद्याकुलम् भारतीयता के साथ विश्वकल्याण की भावना से प्रेरित एक शैक्षिक प्रयास है। हमारी दृष्टि में शिक्षा अपने जीवन के साथ परिवार, समाज और पूरे विश्व के प्रति उत्तरदायित्व विकसित करती है।
प्राचीन ऋषि-परंपरा का अध्ययन, गुरुकुल सिद्धांतों का पुनर्संवाद और आज के जीवन के प्रश्न—इन्हें हम एक ही यात्रा के हिस्से के रूप में देखते हैं।
आर्ष विद्याकुलम् को जानें03 / हमारे प्रकल्प
एक दृष्टि।
सीखने के अनेक मार्ग।
प्रत्यक्ष गुरुकुल से डिजिटल अध्ययन तक। बच्चों की जिज्ञासा से पुस्तकों के प्रकाशन तक। हर प्रकल्प एक ही शिक्षा-दृष्टि को आगे बढ़ाता है।
आचार्यकुल एवं जीवन-शिक्षा
गुरुकुल
आचार्य के सान्निध्य में अध्ययन, स्वाध्याय, मनन और अभ्यास। विद्या को चरित्र, नागरिक समझ और जीवन के उत्तरदायित्व से जोड़ने की परंपरा।
प्रकल्प जानें02दिवसीय अर्ध-गुरुकुल
उपनिषद विद्यालय
परिवार के साथ रहते हुए गुरुकुल की शिक्षा-दृष्टि का अनुभव। संस्कृत, गणित, विज्ञान, भाषाएँ और साहित्य—संस्कार व जीवन-शिक्षा के साथ।
प्रकल्प जानें03भारतीय ज्ञान का आधुनिक गुरुकुल
शास्त्रकुलम्
ज्ञान केवल सीखा न जाए—उसे समझा, परखा, साधा और जिया जाए। प्राचीन चिंतन और आधुनिक अध्ययन-पद्धति का सुलभ डिजिटल संगम।
प्रकल्प जानें04बच्चों के लिए अनुभवात्मक पाठ्यक्रम
बोधिका
कथा, गतिविधि, संवाद और प्रश्नों से भारतीय ज्ञान एवं जीवन-शिक्षा की शुरुआत। शास्त्रकुलम् के बाल-अध्ययन पायलट की सीख।
प्रकल्प जानें05ज्ञान को स्थायी रूप देने की पहल
साहित्यकुलम्
भारतीय ज्ञान, संस्कृति और जीवन-मूल्यों को डिजिटल सामग्री, पुस्तकों और शिक्षण-संसाधनों में रूपांतरित करने का प्रयास।
प्रकल्प जानें06समुदाय से जुड़ी शिक्षा
संस्कार शालाएँ एवं शिविर
विद्या, संस्कार और जीवन-मूल्यों को परिवारों तथा समुदायों तक पहुँचाने के लिए संवाद और अनुभव के कार्यक्रम।
प्रकल्प जानें07शिक्षा के उद्देश्य पर पुनर्विचार
स्वदेशी शिक्षा नीति एवं शोध
भारतीयता के साथ विश्वकल्याण की भावना से प्रेरित शिक्षा। विद्या, नागरिक समझ और कार्य-कुशलता को साथ लाने की अध्ययन-दिशा।
प्रकल्प जानें04 / शास्त्रकुलम् की शिक्षा-दृष्टि
श्रद्धा के साथ
जिज्ञासा।
ज्ञान केवल सीखा न जाए—उसे समझा, परखा, साधा और जिया जाए। परंपरा के साथ तर्क। ज्ञान के साथ अभ्यास। शिक्षा के साथ चरित्र।
ऑनलाइन अध्ययन पोर्टलभाषा से ज्ञान का प्रवेश-द्वार।
भाषा, पठन, लेखन और संस्कार। संस्कृत के माध्यम से भारतीय ज्ञान-परंपरा से सीधा संवाद।
- 01ज्ञान
- 02समझ
- 03जिज्ञासा
- 04मनन
- 05अभ्यास
- 06चरित्र
- 07योगदान
05 / बच्चों के लिए बोधिका
हर प्रश्न में
सीखने की शुरुआत।
कथा, गतिविधि, संवाद और प्रश्न—भारतीय ज्ञान को बच्चों के लिए सरल, रोचक और आनंदपूर्ण बनाने के चार रास्ते।
पुस्तिका में बच्चों के उत्साह और जिज्ञासा को रेखांकित किया गया है। अगला कदम इस अनुभव से अर्थपूर्ण बाल-पाठ्यक्रम विकसित करना है।

06 / साहित्यकुलम्
ज्ञान को दें
एक स्थायी रूप।
प्रामाणिक स्रोतों से पठनीय सामग्री तक। शास्त्रकुलम् शिक्षा को जीवन देता है; साहित्यकुलम् ज्ञान को पुस्तकों और शिक्षण-संसाधनों में संजोता है।
विषय-अनुसंधान
कंटेंट लेखन
संपादन एवं रूपांतरण
पुस्तक प्रकाशन
शिक्षण संसाधन
दृश्य बंधन
आगामी आयोजन
शिक्षा संवाद
3.0
शिक्षा कैसी हो,
जीवन कैसा बने?
अभिभावक, विद्यार्थी और शिक्षाविद—शिक्षा के उद्देश्य, स्वतंत्र चिंतन और गुरुकुल के वर्तमान प्रयोग पर एक साझा संवाद।
कार्यक्रम और सहभागिता07 / सहभागिता का आह्वान
